Tuesday, June 14, 2011

बेगाना

बेगाना
दुनिया की हर बात से मुझे होना बेगाना है
मैंने दूर कही दूर,कही दूर तक्ल जाना है
यह दुनिया मुझे जाने या ना जाने सनम
मगर मैंने इस दुनिया को खूब पहचाना है
दुनिया की हसीन वादिया मुझे रोके गी क्या
मेरी मंजिल है दूर मेरा दूर ठिकाना है
साकी तेरी मय की मस्ती भाती नही
अब तो वो मेरा साकी है उस का नाम पैमाना है
हसीन ये अदाये ,नाज नखरा पास रख
अर्पण तो उस खुदा की खुदाई का दीवाना है
फेसबुक दोस्त चादनी को समर्पित
राजीव अर्पण

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