Friday, May 6, 2011

गुलाबी

गुलाबी

गुलाबी गाल चूमने का नघा है रूहानी ,

तेरे होठो की रंगत से रंग जाये जिंदगानी ।

मेरी आरजू हो पूरी ,जिंदगानी खिल जाये ,

हम तुमे प्यार करते है कह दो जुबानी ।

तू रातो को महकने वाली कली जो ठहरी,

फूल उजाले मे महके तभी बिखरा दी जवानी ।

जो दिमाग ने दिल की कहानी छेड़ी है ,

दिल की धडकन थमने पे थमेगी कहानी ।

सदिय क्या जिन्दगी ही बीत चली ,

झन मे ताजा है मिलन की शाम सुहानी ।

हम भटक गये दुनिया की तंग रहो मे ,

ना वो अर्पण रहा न रही तेरी दीवानी ।

राजीव अर्पण

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