Sunday, May 8, 2011

शराबी से

शराबी से

गम गलत करने वालो

गम गोल ही करो गे

तुम रुला के जिन्दगी

सिस्को गे आहे भरो गे

गम गलत .................

लोग हस-हस के मरेगे

तुम घुट-घुट के मरोगे

हसीन जिन्दगी की बाज़ी

देखना आखिर हरोगे

गम गलत .................

एक पल दर्द नही सह सकते

उम्र भर दर्द केसे जरोगे

जिनगी तो गम का समंदर

केसे ख़ुशी से तुम तरोगे

गम गलत ..................

राजीव अर्पण

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